Posts

छोटा कदम, बड़ा असर

Image
“उत्साह से उठाया छोटा कदम भी बड़ा असर छोड़ता है।” जीवन में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी शुरुआत जरूरी नहीं होती। मन में उत्साह हो, तो एक छोटा प्रयास भी हमें आगे बढ़ा सकता है। रोज कुछ नया सीखना, किसी की मदद करना या अपने सपने के लिए थोड़ा समय निकालना—ये छोटे कदम मायने रखते हैं। लगातार किए गए ऐसे प्रयास धीरे-धीरे हमारी आदतों और जीवन में अच्छा बदलाव लाते हैं। इसलिए सब कुछ सही होने का इंतजार मत कीजिए। आज जो संभव है, उसी से शुरुआत कीजिए। आपका छोटा कदम भी एक अच्छे बदलाव की शुरुआत बन सकता है। _____________________________________________________________________________ #छोटाकदमबड़ाअसर #सुविचार #प्रेरणा #नईशुरुआत #सकारात्मकसोच #निरंतरप्रयास #SmallStepsBigImpact #Motivation #PositiveThinking #PersonalGrowth

CBDT Extends Audit Report and ITR Filing Deadlines for AY 2026–27 [ Circular No. 07/2026 dated 28/09/2026 ]

Image
  CBDT Extends Audit Report and ITR Filing Deadlines for AY 2026–27 The Central Board of Direct Taxes (CBDT), through Circular No. 07/2026 dated 28 September 2026 , has extended the timelines for filing specified audit reports and Income Tax Returns for Assessment Year 2026–27 , relating to Financial Year 2025–26. The revised deadlines are: Filing requirement Extended deadline Audit reports covered by the circular 21 October 2026 Income Tax Returns for the specified category of taxpayers 21 November 2026 , extended from 31 October 2026 The ITR extension applies to persons covered under serial number 2 of the table below Explanation 2 to Section 139(1) of the Income-tax Act, 1961. The corresponding audit-report deadline stands extended in terms of clause (ii) of the Explanation to Section 44AB. The extension gives affected taxpayers and professionals additional time to complete audits, reconcile records and prepare their returns. Eligible taxpayers should update their compliance ca...

FY 2025–26: ऑडिट रिपोर्ट और ITR की समयसीमाएँ बढ़ाई हैं |

Image
 FY  2025–26: ऑडिट रिपोर्ट और ITR की समयसीमाएँ बढ़ाई हैं | CBDT ने वर्ष 2025–26 के लिए ऑडिट वाले करदाताओं की दो महत्वपूर्ण समयसीमाएँ बढ़ाई हैं: 1. ऑडिट रिपोर्ट: अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 | 2. ऑडिट वाले मामलों में ITR: अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 2026 |

माफ करें, बीती बातों को छोड़ें और आगे बढ़ें “Forgive, Forget and Move On”

Image
  समुद्र के किनारे एक घुमावदार सड़क, ढलते सूरज की सुनहरी रोशनी और दूर तक फैला आसमान—इस तस्वीर में ठहराव भी है और आगे की यात्रा का संकेत भी। इसके बीच लिखा संदेश, “Forgive, Forget and Move On” , हमें अपने जीवन के उन अनुभवों के बारे में सोचने को कहता है जिन्हें हम पीछे छोड़ना चाहते हैं, लेकिन छोड़ नहीं पाते। कभी किसी की कही बात मन में रह जाती है। कभी टूटे रिश्ते, अधूरी उम्मीदें या अपने ही फैसले बार-बार याद आते हैं। बीता हुआ समय बदलना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन उसके साथ आगे कैसे जीना है, इसमें हमारी भूमिका जरूर है। माफ करने के लिए खुद को समय दें जिसने दुख पहुँचाया हो, उसे माफ करना आसान नहीं होता। कई बार हम समझ भी नहीं पाते कि सामने वाले के व्यवहार से ज्यादा तकलीफ हुई या उससे जुड़ी अपनी उम्मीदों के टूटने से। क्षमा की शुरुआत इस बात को स्वीकार करने से हो सकती है कि हमें चोट लगी है। अपनी भावनाओं को छोटा बताने या तुरंत सामान्य होने का दबाव बनाने की जरूरत नहीं। माफ करने का फैसला आपका है और उसका समय भी। किसी को माफ करने के बाद भी आप उससे दूरी रख सकते हैं। भरोसा दोबारा बनने के लिए व्यवहार मे...

मध्यप्रदेश वृत्तिकर 2026-27: 30 सितंबर की समयसीमा वाली खबर, जानें सरकारी प्रावधान

Image
मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृत्तिकर यानी प्रोफेशनल टैक्स को लेकर करदाताओं के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। शिवपुरी से संबंधित उपलब्ध समाचार-कतरन में वृत्तिकर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 बताई गई है। खबर में संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों से समय पर भुगतान करने को कहा गया है, ताकि पेनाल्टी और वसूली की कार्रवाई से बचा जा सके। सरकारी दस्तावेज में क्या लिखा है? मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध वृत्तिकर अधिनियम के पाठ की धारा 12(3) में नियोक्ताओं से अलग श्रेणी के व्यक्तियों के वार्षिक भुगतान का प्रावधान है। वर्ष शुरू होने से पहले या 31 अगस्त तक पंजीकृत व्यक्तियों के लिए अंग्रेजी पाठ में “Before 30th September” लिखा है। 31 अगस्त के बाद पंजीकृत व्यक्तियों के लिए पंजीकरण की तारीख से 30 दिन के भीतर भुगतान का उल्लेख है। आधिकारिक अधिनियम एवं नियम PDF इसलिए समाचार में लिखे “30 सितंबर तक” और उपलब्ध अधिनियम के अंग्रेजी पाठ में लिखे “30 सितंबर से पहले” के अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही, इस वार्षिक समयसीमा को सभी नियोक्ताओं और कर्मचारियों की कर-कटौती पर ...

हर नई सीख के लिए तैयार रहें: सीखना ही हमें सक्षम बनाता है

Image
  “हर नई सीख के लिए तैयार रहें, क्योंकि सीखना ही हमें ज्यादा सक्षम बनाता है ।” यह सुविचार हमें याद दिलाता है कि सीखना केवल स्कूल, कॉलेज या किसी परीक्षा तक सीमित नहीं है। रोज़मर्रा का जीवन भी हमें कुछ नया समझने का अवसर देता है। कभी किसी से बातचीत करके, कभी कोई काम पहली बार करके और कभी अपनी गलती पर विचार करके हम आगे बढ़ते हैं। अक्सर हम परिचित कामों में सहज महसूस करते हैं। कुछ नया सीखने की बात आती है, तो मन में सवाल उठते हैं—क्या मैं यह कर पाऊँगा? कहीं मुझसे गलती तो नहीं होगी? शुरुआत में ऐसी झिझक स्वाभाविक है। लेकिन यदि हम पूरी तरह तैयार होने का इंतज़ार करते रहें, तो पहला कदम उठाना मुश्किल हो जाता है। कई बार समझ और आत्मविश्वास शुरुआत करने के बाद ही आते हैं। मान लीजिए, आपको मोबाइल पर कोई ज़रूरी काम करना नहीं आता। पहली बार किसी की मदद लेनी पड़ सकती है। दूसरी बार भी कुछ चरण भूल सकते हैं। मगर अभ्यास करते हुए वही काम धीरे-धीरे आसान होने लगता है। यह छोटी-सी सीख भी आपको अपने काम स्वयं करने में अधिक सक्षम बना सकती है। सीखने के लिए यह स्वीकार करना ज़रूरी है कि हमें सब कुछ नहीं आता। सवाल पूछना,...

GST विवादों की समझ होगी आसान: GSTAT का पहला E-Journal, महत्वपूर्ण फैसलों तक डिजिटल पहुँच

Image
  GST विवादों की समझ होगी आसान: GSTAT का पहला ई-जर्नल, महत्वपूर्ण फैसलों तक डिजिटल पहुँच जीएसटी से जुड़े विवादों और न्यायिक निर्णयों को समझने वाले करदाताओं तथा टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए GSTAT E-Journal का प्रथम खंड—Volume I एक उपयोगी संदर्भ सामग्री है। इसमें वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय अधिकरण (Goods and Services Tax Appellate Tribunal) के 31 अगस्त 2026 तक के निर्णयों की रिपोर्टिंग शामिल है। इस प्रकाशन के माध्यम से पाठक अधिकरण के फैसलों का अध्ययन कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि संबंधित मामलों में तथ्यों तथा कानूनी प्रावधानों की व्याख्या किस प्रकार की गई है। आधिकारिक ई-जर्नल यहाँ पढ़ें। टैक्स प्रोफेशनल्स और कारोबारियों के लिए क्यों उपयोगी है यह ई-जर्नल? जीएसटी अनुपालन के साथ विवादों से जुड़े निर्णयों की जानकारी रखना भी महत्वपूर्ण है। किसी फैसले का अध्ययन संबंधित कानूनी प्रश्न, पक्षकारों के तर्क और अधिकरण के निष्कर्ष को समझने में सहायता करता है। यह ई-जर्नल विशेष रूप से इन पाठकों के लिए उपयोगी हो सकता है: चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स कंसल्टेंट: संबंधित निर्णयों के अध्ययन और पेशेवर शोध के...