Companies compliance Facilitation Scheme,2026 | कम्पनीज कम्प्लायंस फैसिलिटेशन स्कीम, 2026 (CCFS-2026)
कम्पनीज कम्प्लायंस फैसिलिटेशन स्कीम, 2026 (CCFS-2026) कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) द्वारा शुरू की गई एक माफी (Amnesty) योजना है, जिसके तहत डिफ़ॉल्ट कंपनियों को अपनी पुरानी रुकी हुई फाइलिंग को भारी छूट के साथ पूरा करने का एक आखिरी मौका दिया गया है। पहले यह योजना 15 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक लागू थी, लेकिन MCA डेटा सेंटर में आग लगने के कारण अब इसकी अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दिया गया है। [1, 2, 3, 4] 🌟 मुख्य फायदे (Key Benefits) लेट फीस में 90% की छूट: सामान्य तौर पर ₹100 प्रति दिन की भारी लेट फीस लगती है, लेकिन इस स्कीम के तहत पेंडिंग एनुअल फाइलिंग पर लेट फीस में 90% की छूट मिल रही है, यानी आपको केवल 10% अतिरिक्त फीस देनी होगी। [3, 5] डॉर्मेंट स्टेटस (Dormant Status) पर 50% छूट: यदि कोई निष्क्रिय (Inactive) कंपनी बंद नहीं होना चाहती बल्कि डॉर्मेंट स्टेटस (e-form MSC-1) लेना चाहती है, तो उसे सरकारी फीस में 50% की रियायत मिलेगी। [3, 6] कंपनी बंद करने (Strike Off) पर 75% बचत: यदि कोई कंपनी हमेशा के लिए बंद (e-form STK-2) करनी है, तो फीस में 75% की बड़ी बचत...