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FAST-DS Rules, 2026: छोटे करदाताओं को विदेशी संपत्ति घोषित करने का अवसर

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  Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने Foreign Assets of Small Taxpayers–Disclosure Scheme (FAST-DS) Rules, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। यह योजना उन पात्र छोटे करदाताओं को अपनी पहले घोषित न की गई विदेशी आय या संपत्ति की जानकारी देकर पुरानी चूक सुधारने का अवसर देती है। योजना 16 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी और घोषणा दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। घोषणा इलेक्ट्रॉनिक रूप से Form 1 में दाखिल करनी होगी। Notification update योजना की मुख्य श्रेणियाँ यदि अघोषित विदेशी संपत्ति और विदेशी आय का कुल मूल्य ₹1 करोड़ तक है, तो निर्धारित कर तथा उसके बराबर अतिरिक्त राशि देनी होगी—कुल प्रभावी भुगतान मूल राशि का लगभग 60% होगा। यदि विदेशी संपत्ति गैर-निवासी अवधि की आय या पहले से कर चुकाई गई आय से खरीदी गई थी, लेकिन ITR के संबंधित Schedule में घोषित नहीं हुई और उसका मूल्य ₹5 करोड़ तक है, तो ₹1 लाख की निर्धारित फीस लागू हो सकती है। CBDT—Section 133 CBDT ने FAQs भी जारी किए करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स की सहायता के लिए CBDT ने एक विस्तृत FAQ document जारी किया है। इसमे...

आलोचना की ईंटों से अपनी सफलता का साम्राज्य बनाएँ

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  “Use their criticism to build your empire.” अर्थात— लोगों की आलोचना को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी बनाइए। जीवन में जब हम कुछ नया करने की कोशिश करते हैं, तो सबसे पहले हमारा सामना कठिनाइयों से नहीं, बल्कि लोगों की बातों से होता है— “तुमसे नहीं होगा।” “यह काम तुम्हारे बस का नहीं है।” “इसमें तुम्हारा समय बर्बाद हो जाएगा।” “तुम कभी सफल नहीं हो सकते।” ऐसी बातें हमें चोट पहुँचा सकती हैं। लेकिन यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम उन शब्दों को अपने रास्ते का पत्थर बनाते हैं या अपने सपनों की इमारत की ईंट। आलोचना सफलता का हिस्सा है यदि लोग आपकी आलोचना कर रहे हैं, तो इसका एक अर्थ यह भी है कि आपने सामान्य रास्ते से हटकर कुछ नया करने का साहस किया है। जो व्यक्ति कुछ नहीं करता, उसकी असफलता पर कोई चर्चा नहीं करता। लेकिन जो व्यक्ति आगे बढ़ता है, उसे सवालों, विरोध और आलोचना का सामना करना ही पड़ता है। इसलिए आलोचना से घबराने के बजाय स्वयं से पूछिए— क्या इस आलोचना में कोई सच्चाई है? क्या मुझे अपनी योजना या काम में सुधार करना चाहिए? क्या सामने वाला मेरी मदद करना चाहता है या केवल हतोत्साहित कर ...

As per section 44AB, who is compulsorily required to get his accounts audited, i.e., who is covered by tax audit?

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Answer ​​​​​​​As per section 44AB , following persons are compulsorily required to get their accounts audited : ​ • A person carrying on business, if his total sales, turnover or gross receipts (as the case may be) in business for the year exceed or exceeds Rs. 1 crore. This provision is​ not applicable to the person, who opts for presumptive taxation scheme under section 44AD ​ and his total sales or turnover doesn't exceed Rs. 2 crores. Note: The threshold limit, for a person carrying on business, is increased from Rs. 1 Crore to Rs. 10 crores in case when cash receipt and payment made during the year do not exceed 5% of total receipt or payment, as the case may be. In other words, more than 95% of business transactions should be done through banking channels. • A person carrying on profession, if his gross receipts in profession for the year exceed Rs. 50 lakhs.  • An assessee who declare profit for any previous year in accordance with section 44AD ​ and he decreases profit f...

अब E-Invoicing और e-Way Bill बनाना हुआ और भी आसान—सीधे अपने मोबाइल से! 📱🔥

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  अब E-Invoicing और e-Way Bill बनाना हुआ और भी आसान—सीधे अपने मोबाइल से! 📱🔥 इस वीडियो में जानिए कि मोबाइल की मदद से Invoice और e-Way Bill कैसे आसानी से generate किए जा सकते हैं। यह सुविधा Business Owners, Accountants, Traders और GST Professionals के लिए बेहद उपयोगी है। वीडियो पसंद आए तो Like 👍, Share 📤 और Channel को Subscribe 🔔 जरूर करें। SMART SOLUTIONS TALLY CERTIFIED PARTNER 📞 Call: 9522610100 | 9340967128 📍 Address: Vivekanand Colony, Shivpuri (M.P.) #MobileInvoicing #EWayBill #EWayBillGeneration #GST #GSTIndia #GSTUpdates #TallyPrime #TallyCertifiedPartner #BusinessAccounting #DigitalInvoice #InvoiceGeneration #AccountingSoftware #TaxConsultant #SmartSolutions #Shivpuri

टैक्स ऑडिट की सीमा

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  टैक्स ऑडिट की सीमा धारा 44AB के तहत टैक्स ऑडिट किसे करवाना आवश्यक है? 1. व्यवसाय (Business) ₹1 करोड़ — सामान्य टैक्स ऑडिट सीमा यदि किसी व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर ₹1 करोड़ से अधिक है, तो सामान्यतः टैक्स ऑडिट करवाना आवश्यक होता है। अथवा ₹10 करोड़ — बढ़ी हुई सीमा ₹10 करोड़ तक के टर्नओवर पर टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, यदि: नकद प्राप्तियाँ कुल प्राप्तियों के 5% से अधिक न हों। नकद भुगतान कुल भुगतानों के 5% से अधिक न हों। 2. पेशेवर व्यक्ति (Professionals) ₹75 लाख — सकल प्राप्ति सीमा (यदि नकद प्राप्तियाँ 5% या उससे कम हों) यदि किसी वित्तीय वर्ष में पेशे से प्राप्त सकल आय ₹50 लाख से अधिक है, तो सामान्यतः टैक्स ऑडिट करवाना आवश्यक होता है। उदाहरण: डॉक्टर चार्टर्ड अकाउंटेंट आर्किटेक्ट सलाहकार वकील अनुमानित कराधान योजना का उपयोग धारा 44AD — व्यवसायों के लिए यदि निर्धारित दर से लाभ घोषित किया जाता है, तो: ₹2 करोड़ तक के टर्नओवर पर टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है। यदि नकद प्राप्तियाँ कुल प्राप्तियों के 5% या उससे कम हैं, तो यह सीमा ₹3 करोड़ होगी। टैक्स ऑडिट लागू हो सकता है, यदि: निर्धारित दर 6% या 8%...

What ITR Filings Reveal About India

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  What ITR Filings Reveal About India 🇮🇳 FY 2025–26 saw more than 9 crore Income Tax Returns filed across India. Maharashtra led with 1.40 crore filings, followed by Uttar Pradesh, Gujarat, Rajasthan and Tamil Nadu. 🗺️ The map covers all 37 States & Union Territories, giving a snapshot of ITR filings across India. Sometimes, numbers on a map tell a much bigger story.

PMEGP Scheme: ₹50 लाख तक का प्रोजेक्ट और 35% तक सब्सिडी—जानिए सही नियम

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यदि आप अपना नया उद्योग या सेवा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पूंजी की कमी आड़े आ रही है, तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP आपके लिए उपयोगी हो सकता है। यह केंद्र सरकार की Credit-Linked Subsidy Scheme है, जिसे MSME मंत्रालय के अंतर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) लागू करता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर पैदा करना है। कितनी लागत तक का प्रोजेक्ट लगाया जा सकता है? अखबार की हेडलाइन में ₹50 लाख तक कारोबार शुरू करने की बात कही गई है, लेकिन सही स्थिति यह है: उद्यम का प्रकार सब्सिडी के लिए अधिकतम प्रोजेक्ट लागत विनिर्माण या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट ₹50 लाख सेवा या पात्र बिजनेस गतिविधि ₹20 लाख इसलिए ₹50 लाख की सीमा सभी व्यवसायों पर लागू नहीं होती। यह मुख्यतः मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट के लिए है। MSME मंत्रालय की मई 2026 की आधिकारिक जानकारी PMEGP में कितनी सब्सिडी मिलती है? योजना में सब्सिडी आवेदक की श्रेणी और प्रोजेक्ट के स्थान पर निर्भर करती है। आवेदक की श्रेणी अपना योगदान शहरी क्षेत्र में सब्सिडी...