टैक्स ऑडिट की सीमा
टैक्स ऑडिट की सीमा धारा 44AB के तहत टैक्स ऑडिट किसे करवाना आवश्यक है? 1. व्यवसाय (Business) ₹1 करोड़ — सामान्य टैक्स ऑडिट सीमा यदि किसी व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर ₹1 करोड़ से अधिक है, तो सामान्यतः टैक्स ऑडिट करवाना आवश्यक होता है। अथवा ₹10 करोड़ — बढ़ी हुई सीमा ₹10 करोड़ तक के टर्नओवर पर टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, यदि: नकद प्राप्तियाँ कुल प्राप्तियों के 5% से अधिक न हों। नकद भुगतान कुल भुगतानों के 5% से अधिक न हों। 2. पेशेवर व्यक्ति (Professionals) ₹75 लाख — सकल प्राप्ति सीमा (यदि नकद प्राप्तियाँ 5% या उससे कम हों) यदि किसी वित्तीय वर्ष में पेशे से प्राप्त सकल आय ₹50 लाख से अधिक है, तो सामान्यतः टैक्स ऑडिट करवाना आवश्यक होता है। उदाहरण: डॉक्टर चार्टर्ड अकाउंटेंट आर्किटेक्ट सलाहकार वकील अनुमानित कराधान योजना का उपयोग धारा 44AD — व्यवसायों के लिए यदि निर्धारित दर से लाभ घोषित किया जाता है, तो: ₹2 करोड़ तक के टर्नओवर पर टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है। यदि नकद प्राप्तियाँ कुल प्राप्तियों के 5% या उससे कम हैं, तो यह सीमा ₹3 करोड़ होगी। टैक्स ऑडिट लागू हो सकता है, यदि: निर्धारित दर 6% या 8%...