हम जहाँ खड़े होते हैं, वहाँ Matter थोड़े बड़े होते हैं!
हम जहाँ खड़े होते हैं, वहाँ Matter थोड़े बड़े होते हैं!
यह घमंड नहीं, अपने आत्मविश्वास और काबिलियत पर भरोसा है। कुछ लोग परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदल लेते हैं, जबकि कुछ अपने साहस, मेहनत और फैसलों से परिस्थितियाँ ही बदल देते हैं।
बड़े Matter उन्हीं के पास आते हैं, जिनमें बड़ी जिम्मेदारियाँ संभालने का दम होता है। हमारी पहचान केवल हमारी मौजूदगी से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में लिए गए सही फैसलों से बनती है।
इसलिए सोच बड़ी रखिए, इरादे मजबूत रखिए और काम ऐसा कीजिए कि आपकी मौजूदगी ही लोगों में भरोसा पैदा कर दे—क्योंकि हम जहाँ खड़े होते हैं, वहाँ Matter सच में थोड़े बड़े होते हैं!
✍🏻 राजेंद्र डंगवाल ‘सरजी’
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