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मानवता के लिए श्रीकृष्ण के 5 महान उपदेश

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  मानवता के लिए श्रीकृष्ण के 5 महान उपदेश कर्म करो, फल से आसक्ति मत रखो अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से करें, लेकिन परिणाम की चिंता में स्वयं को कमजोर न बनाएं। (गीता 2.47) सुख-दुःख में संतुलित रहें सफलता-असफलता, लाभ-हानि और मान-अपमान में मन को स्थिर रखना ही सच्चा योग है। (गीता 2.48) मन को अपना मित्र बनाएं नियंत्रित मन आपका सबसे बड़ा मित्र है, जबकि अनियंत्रित मन सबसे बड़ा शत्रु बन सकता है। (गीता 6.5–6.6) हर प्राणी को समान दृष्टि से देखें जाति, पद, धन या रूप के आधार पर भेदभाव न करें। प्रत्येक जीव में उसी परमात्मा का अंश देखें। (गीता 5.18) अहंकार छोड़कर ईश्वर पर विश्वास रखें भय, चिंता और अहंकार का त्याग करके श्रद्धा, प्रेम और समर्पण के साथ जीवन जिएँ। (गीता 18.66) सार: श्रीकृष्ण का संदेश है—कर्तव्य निभाओ, मन पर विजय पाओ, सभी से प्रेम करो, परिस्थितियों में संतुलित रहो और परमात्मा पर विश्वास रखो। यही शांतिपूर्ण और सफल जीवन का मार्ग है। 🙏 “धर्म के मार्ग पर किया गया निस्वार्थ कर्म ही मानव जीवन की सच्ची सफलता है।” #ShriKrishna #श्रीकृष्ण #KrishnaTeachings #भगवद्गीता #BhagavadGita #गीता_उप...

छोड़ने का अर्थ नफरत करना नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी अपेक्षाओं, नियंत्रण और भावनात्मक निर्भरता को समाप्त करना है।

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  जो लोग आपसे दूर जाना चाहते हैं, उन्हें जबरदस्ती रोकने, मनाने या बार-बार उनके पीछे जाने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें शांतिपूर्वक जाने दें और अपना ध्यान स्वयं के विकास व मानसिक शांति पर लगाएँ। छोड़ने का अर्थ नफरत करना नहीं , बल्कि उनसे जुड़ी अपेक्षाओं, नियंत्रण और भावनात्मक निर्भरता को समाप्त करना है। सार: “जो जाना चाहता है, उसे जाने दो। अपनी कीमत किसी दूसरे व्यक्ति के व्यवहार से मत आँको—अपने भीतर लौटो, आत्मसम्मान बचाओ और शांति से आगे बढ़ो। #QuietlyLetEveryoneGo #LetThemGo #SelfRespect #InnerPeace #EmotionalFreedom #MoveOn #SelfGrowth #HindiMotivation #LifeMotivation #OshoStyle #SpiritualWisdom #PositiveThinking #MentalPeace #आत्मसम्मान #मानसिकशांति #खुदपरध्यान #अपेक्षाओंसेमुक्ति #जीवनमेंआगेबढ़ें #AskSirji #RajendraDangwalSirji

🧾 Missed your ITR deadline? Don’t worry—you may still have options.

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 🧾 Missed your ITR deadline? Don’t worry—you may still have options. 💡 Understand the difference between Belated Return, Revised Return and ITR-U before choosing your next step.

अपनी ऊर्जा व्यर्थ मत बहाओ, उसे अपने लक्ष्य की आग बना दो

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  हम सभी के पास समय और ऊर्जा सीमित है। कोई व्यक्ति अपनी ऊर्जा चिंता, आलोचना, तुलना और बेकार की बहसों में खर्च कर देता है, जबकि कोई उसी ऊर्जा को अपने सपनों को पूरा करने में लगा देता है। सफलता दोनों की परिस्थितियों में नहीं, बल्कि उनकी ऊर्जा की दिशा में छिपी होती है। सूरज की फैली हुई किरणें केवल गर्मी देती हैं, लेकिन जब उन्हीं किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित किया जाता है, तो वे आग पैदा कर सकती हैं। ठीक इसी प्रकार, जब हमारी सोच और मेहनत एक स्पष्ट लक्ष्य पर केंद्रित होती है, तो असंभव दिखाई देने वाला काम भी संभव होने लगता है। हमारी ऊर्जा कहाँ व्यर्थ होती है? अक्सर हम अपनी बहुमूल्य ऊर्जा इन बातों में खर्च कर देते हैं: लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं। दूसरों की सफलता से अपनी तुलना करना। बीती हुई गलतियों को बार-बार याद करना। भविष्य को लेकर आवश्यकता से अधिक चिंता करना। सोशल मीडिया पर बिना उद्देश्य समय बिताना। हर आलोचना और विवाद का उत्तर देना। सही समय और सही अवसर की प्रतीक्षा करना। इनमें से अधिकतर चीजें हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं। फिर भी हम इनके बारे में सोचते-सोचते अपने वास्तविक लक्ष्य...

Gross and Net GST revenue collections for the month of August, 2026

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  Gross and Net GST revenue collections for the month of August, 2026 Sep 1st, 2026 Please click on the link below to view the gross and net GST revenue collections for the month of August, 2026. https://tutorial.gst.gov.in/downloads/news/aug_2026_gst_revenue_report_final_for_publishing_monthly.pdf Thanks, Team GSTN

📚 ICAI New Publication Alert! | Background Material on GST (August 2026 Edition) 📢

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 📚 ICAI New Publication Alert! Background Material on GST (August 2026 Edition) 📢 The GST & Indirect Taxes Committee of ICAI has released the updated two-volume edition of the Background Material on GST (as of 31.08.2026)! 🏢✨ This comprehensive set provides an in-depth analysis of statutory provisions, rules, notifications, procedures, and practical aspects of Indirect Taxation—an essential reference for CAs, tax practitioners, and finance leaders. 📑💼 📄 Download the Official Publications: * Volume-I: https://d348t3gez84jj8.cloudfront.net/download/pdf26/Volume%20I.pdf * Volume-II: https://d348t3gez84jj8.cloudfront.net/download/pdf26/Volume%20II.pdf

भारत में FIR के प्रकार: Regular, Zero, e-FIR, Cross, Counter और Second FIR

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  FIR यानी First Information Report (प्रथम सूचना रिपोर्ट) किसी संज्ञेय अपराध की वह पहली सूचना है, जिसके आधार पर पुलिस मामला दर्ज करके जाँच शुरू करती है। वर्तमान में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 173 में दी गई है। आइए FIR से जुड़े प्रमुख प्रकारों और परिस्थितियों को सरल भाषा में समझते हैं। 1. Regular FIR — सामान्य FIR Regular FIR वह सामान्य FIR है, जो उस पुलिस थाने में दर्ज कराई जाती है जिसके क्षेत्र में अपराध हुआ हो। सूचना मौखिक, लिखित या निर्धारित माध्यम से दी जा सकती है। मौखिक सूचना को पुलिस लिखित रूप में दर्ज करती है। सूचना देने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर लिए जाते हैं। FIR को एक नियमित पंजीकरण नंबर दिया जाता है। FIR की प्रति शिकायतकर्ता या पीड़ित को निःशुल्क दी जानी चाहिए। उदाहरण: यदि शिवपुरी में चोरी हुई है, तो सामान्य रूप से संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने में FIR दर्ज होगी। 2. Zero FIR — क्षेत्राधिकार की बाधा के बिना FIR Zero FIR किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराई जा सकती है, चाहे अपराध किसी दूसरे थाना क्षेत्र में हुआ हो। BNSS की धा...