CBIC का Centralised GST Administration Proposal
यह खबर उन बड़े कारोबारियों और कंपनियों के लिए राहत भरी है, जिनका व्यापार कई राज्यों में है और एक ही PAN पर अलग-अलग राज्यों में कई GST Registrations (GSTINs) हैं।
वर्तमान व्यवस्था
अभी किसी व्यवसाय की मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात में शाखाएँ हैं, तो उसे प्रत्येक राज्य में अलग GST Registration लेना पड़ता है। इन registrations से संबंधित audit, scrutiny, investigation और assessment अलग-अलग GST अधिकारियों द्वारा किए जा सकते हैं। इससे एक ही कंपनी को कई अधिकारियों के सामने समान जानकारी और दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ते हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था
CBIC यह विचार कर रहा है कि एक ही PAN के अंतर्गत आने वाले विभिन्न GST registrations का प्रशासन किसी एक Central GST Authority के माध्यम से किया जाए। इसके लिए 11 सदस्यों की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो कानूनी, प्रशासनिक और तकनीकी बदलावों का अध्ययन करेगी तथा 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट और implementation roadmap देगी। (The Economic Times)
उदाहरण
मान लीजिए ABC Limited के पास पाँच राज्यों में पाँच GSTIN हैं।
संभावित फायदे
अलग-अलग GST अधिकारियों से dealing कम होगी।
Multiple audits और overlapping inquiries में कमी आ सकती है।
Compliance cost और professional expenses कम हो सकते हैं।
पूरे भारत में काम करने वाली कंपनियों के लिए GST compliance आसान हो सकता है।
एक ही विषय पर अलग-अलग अधिकारियों के अलग views की समस्या कम हो सकती है।
उद्योग जगत लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहा था, क्योंकि multiple audits और overlapping compliance से लागत तथा administrative burden बढ़ता है। GST से पहले service providers को centralised registration की सुविधा उपलब्ध थी, जिसे जुलाई 2017 में GST लागू होने के बाद समाप्त कर दिया गया था। (The Economic Times)
सबसे महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण
अभी यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे भारत के लिए केवल एक GSTIN जारी हो जाएगा। फिलहाल खबर मुख्य रूप से Centralised Administration की है, अर्थात अलग-अलग GST registrations को एक केंद्रीय अधिकारी या authority के माध्यम से administer करने का प्रस्ताव है।
समिति यह भी तय करेगी कि व्यवस्था optional होगी या mandatory और इसके लिए कानून तथा GST Portal में क्या बदलाव जरूरी होंगे। अभी यह केवल विचाराधीन प्रस्ताव है; अंतिम notification या कानून जारी नहीं हुआ है। (The Economic Times)
निष्कर्ष
एक PAN—कई GSTIN—लेकिन संभवतः एक Central GST Authority।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो multi-state businesses को audit, assessment और departmental compliance में बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि अलग-अलग राज्यों के GST registrations और return filing समाप्त होंगे या नहीं, यह समिति की रिपोर्ट तथा सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
मैं इस प्रस्ताव पर CBIC की आधिकारिक अधिसूचना या समिति की रिपोर्ट आने पर अपडेट की निगरानी कर सकता हूँ।
Prepared By✍️ Rajendra Dangwal Sirji
Tax Lawyer | Business Consultant | Accounts Expert | Legal Awareness Writer
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