UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत: Person-to-Person Transaction पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

 


देशभर के करोड़ों UPI यूजर्स के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि UPI के माध्यम से किए जाने वाले Person-to-Person (P2P) Transactions निःशुल्क बने रहेंगे। यानी किसी व्यक्ति द्वारा अपने परिवार, मित्र या अन्य व्यक्ति को UPI से पैसे भेजने पर कोई Transaction Charge नहीं लगेगा।

UPI पर शुल्क लगाए जाने की चर्चा तब शुरू हुई, जब लोकसभा में एक ऐसा विधेयक पारित हुआ, जिसमें बैंकों को कुछ Merchant Transactions पर शुल्क लगाने की अनुमति देने का प्रावधान बताया गया। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि सामान्य UPI यूजर्स से भुगतान करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

Person-to-Person Transaction क्या होता है?

जब एक व्यक्ति अपने बैंक खाते से UPI के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजता है, तो उसे Person-to-Person या P2P Transaction कहा जाता है।

उदाहरण:

  • परिवार के सदस्य को पैसे भेजना।

  • मित्र को उधार की राशि वापस करना।

  • किराया सीधे मकान मालिक के व्यक्तिगत खाते में भेजना।

  • किसी रिश्तेदार को UPI ID या मोबाइल नंबर के माध्यम से पैसे भेजना।

सरकार के अनुसार, ऐसे सभी P2P UPI Transactions पहले की तरह निःशुल्क बने रहेंगे।



क्या Merchant Payments पर MDR लगाया जा सकता है?

सरकार ने कहा है कि यदि भविष्य में Merchant Discount Rate (MDR) लागू किया जाता है, तो वह केवल:

  • सीमित श्रेणी के Merchant Transactions पर लागू होगा।

  • एक निर्धारित सीमा से अधिक के भुगतान पर लगाया जाएगा।

  • बहुत मामूली दर से लिया जाएगा।

  • Debit और Credit Card पर लागू MDR से काफी कम होगा।

  • सभी UPI Transactions पर एक समान रूप से लागू नहीं होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार बैंकों और Payment Service Providers को किसी व्यापारी के पक्ष में किए गए ₹2,000 से अधिक के UPI Payment पर लगभग 0.25% से 0.40% तक MDR लगाने की अनुमति दे सकती है।

लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि 0.25% से 0.40% की दर अभी अंतिम या आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुई है। यह केवल रिपोर्ट्स में बताई गई संभावित दर है।

रोजमर्रा के छोटे भुगतान प्रभावित नहीं होंगे

दूध, सब्जी, किराना सामान, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी जैसे रोजमर्रा के छोटे भुगतान इस संभावित MDR व्यवस्था से प्रभावित होने की उम्मीद नहीं है।

सरकार ने कहा है कि UPI पर होने वाले अधिकांश Merchant Transactions भी निःशुल्क बने रहेंगे। यदि MDR लागू होता है, तो वह Transaction Limit के आधार पर होगा, न कि प्रत्येक भुगतान पर।

MDR क्या होता है?

Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क है, जो किसी व्यापारी को Digital Payment स्वीकार करने पर बैंक या Payment Service Provider को देना पड़ सकता है।

यह शुल्क सामान्यतः ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाता, बल्कि व्यापारी के भुगतान Settlement से काटा जाता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य UPI यूजर्स और P2P Transactions पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

अभी UPI का खर्च कौन उठाता है?

वर्तमान समय में अधिकांश UPI यूजर्स से कोई सीधा शुल्क नहीं लिया जाता। UPI व्यवस्था को निःशुल्क बनाए रखने का खर्च सरकार, बैंक और Payment Companies मिलकर उठाते हैं।

व्यवस्था

वर्तमान स्थिति

सामान्य UPI यूजर के लिए सीधा शुल्क

₹0

₹2,000 तक के पात्र BHIM-UPI Merchant Payments

सरकार द्वारा प्रोत्साहन

अन्य Processing Cost

बैंक और Payment Companies द्वारा वहन

छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले ₹2,000 तक के पात्र BHIM-UPI Payments को बढ़ावा देने के लिए सरकार Incentive Scheme के माध्यम से सहायता प्रदान करती है।

सरकार द्वारा BHIM-UPI Incentive Payout

वित्तीय वर्षभुगतान की गई प्रोत्साहन राशि

FY 2021-22

₹957 करोड़

FY 2022-23

₹1,802 करोड़

FY 2023-24

₹3,268 करोड़


वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए RuPay Debit Card और BHIM-UPI की संयुक्त Incentive Scheme का बजट ₹2,000 करोड़ बताया गया है।

Payment and Settlement Systems Act में बदलाव क्यों?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि Payment and Settlement Systems Act, 2007 में प्रस्तावित संशोधन को कुछ लोगों द्वारा सामान्य UPI यूजर्स पर शुल्क लगाने की योजना के रूप में गलत तरीके से समझा गया है।

वास्तव में यह एक Enabling Provision है, जिसका उद्देश्य:

  • UPI की दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित करना।

  • तकनीकी क्षमता को मजबूत बनाना।

  • Cybersecurity में निवेश बढ़ाना।

  • Digital Fraud रोकने की व्यवस्था विकसित करना।

  • तेजी से बढ़ते Transactions को संभालने के लिए Infrastructure मजबूत करना।

  • नए जोखिमों से UPI प्रणाली को सुरक्षित बनाना है।

MDR पर अंतिम फैसला कौन करेगा?

NPCI की अध्यक्षता वाली UPI and Services Steering Committee यह तय करेगी कि भविष्य में किसी Merchant Transaction पर MDR लगाया जाना चाहिए या नहीं।

यह निर्णय संसद द्वारा Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पारित किए जाने के बाद लिया जाएगा। इस विधेयक में Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में बदलाव का प्रस्ताव है।

इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि MDR लागू हो चुका है या प्रत्येक UPI Transaction पर शुल्क लगने वाला है।

UPI ने एक दशक में दर्ज की अभूतपूर्व वृद्धि

पिछले एक दशक में UPI Transaction Volume में लगभग 12,000 गुना वृद्धि हुई है। Transactions की तेजी से बढ़ती संख्या को संभालने के लिए Cybersecurity, Fraud Prevention और Digital Infrastructure में लगातार निवेश करना जरूरी है।

सरकार का कहना है कि UPI Ecosystem में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और अधिक कंपनियों को जोड़ने के लिए एक स्थायी Revenue Model की जरूरत है।

केवल सरकारी Subsidy के सहारे UPI के अगले चरण का विकास करना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए एक संतुलित व्यवस्था जरूरी है, जिससे UPI:

  • मजबूत और सुरक्षित बना रहे।

  • सभी वर्गों के लिए सुलभ हो।

  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचे।

  • आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।

  • भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रहे।

RBI गवर्नर ने क्या कहा?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि Merchant Charges सीधे नहीं लगाए जाने के बावजूद UPI Transactions का खर्च व्यापक अर्थव्यवस्था के माध्यम से उपभोक्ताओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से वहन किया जाता है।

Merchant Fees लागू करने के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा:

“अभी इस विषय पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। किसी न किसी को इस व्यवस्था की लागत वहन करनी होगी। UPI एक सार्वजनिक हित की व्यवस्था है और हम चाहते हैं कि इसका Infrastructure लगातार मजबूत और अधिक प्रभावी बने। फिलहाल हमारा ध्यान Payment Infrastructure को मजबूत करने पर है।”

क्या बाहरी दबाव में MDR लाया जा रहा है?

सरकार ने उन रिपोर्ट्स को गलत और भ्रामक बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि UPI Policy में बदलाव किसी बाहरी दबाव के कारण किया जा रहा है।

कांग्रेस ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 की आलोचना करते हुए सवाल किया था कि क्या सरकार UPI की निःशुल्क व्यवस्था को कमजोर करके अमेरिकी कंपनियों को भारत के Digital Payment Sector में अधिक पहुंच देना चाहती है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह विधेयक UPI Transactions को निःशुल्क रखने वाली कानूनी सुरक्षा को हटाता है।

वित्त मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि बाहरी प्रभाव के कारण Policy बनाई जा रही होती, तो भारत न तो वर्ष 2016 में UPI शुरू करता और न ही जनवरी 2020 से व्यापारियों एवं नागरिकों के लिए इसे निःशुल्क रखता।

जुलाई 2026 में UPI का प्रदर्शन

जुलाई 2026 में UPI के माध्यम से:

  • 2,366 करोड़ Transactions किए गए।

  • Transactions की कुल राशि ₹29.9 लाख करोड़ रही।

  • UPI दुनिया की सबसे बड़ी Real-Time Payment System बन चुका है।

  • यह सुविधा अब 11 देशों में उपलब्ध है।

  • कई अन्य देशों ने भी UPI अपनाने में रुचि दिखाई है।

UPI यूजर्स के लिए मुख्य बातें

  • Person-to-Person UPI Transactions पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे।

  • सामान्य नागरिकों से UPI Payment करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

  • अधिकांश Merchant Transactions भी निःशुल्क बने रहेंगे।

  • भविष्य में MDR केवल निर्धारित सीमा से अधिक के सीमित Merchant Payments पर लगाया जा सकता है।

  • 0.25% से 0.40% की संभावित MDR दर अभी आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुई है।

  • ₹2,000 से अधिक के सभी UPI Payments पर शुल्क लगने का कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

  • दूध, सब्जी, किराना, ऑटो और टैक्सी जैसे रोजमर्रा के छोटे भुगतान प्रभावित होने की उम्मीद नहीं है।

निष्कर्ष

UPI यूजर्स को किसी अफवाह या भ्रामक संदेश से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि Person-to-Person UPI Transactions निःशुल्क बने रहेंगे और सामान्य नागरिकों से कोई Transaction Charge नहीं लिया जाएगा।

भविष्य में यदि MDR लागू किया जाता है, तो वह केवल कुछ निर्धारित सीमा से अधिक के Merchant Transactions तक सीमित हो सकता है। उसका अंतिम निर्णय कानून बनने और संबंधित समिति द्वारा नियम तय किए जाने के बाद ही होगा।

सरल शब्दों में—परिवार, मित्र या किसी अन्य व्यक्ति को UPI से पैसे भेजना पहले की तरह FREE रहेगा।

स्रोत: Times of India, Ministry of Finance/PIB, NPCI एवं Union Budget 2026-27 से संबंधित प्रकाशित जानकारी।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध समाचार और सरकारी स्पष्टीकरण पर आधारित सामान्य जानकारी के लिए है। अंतिम नियम लागू होने पर वित्त मंत्रालय, RBI और NPCI की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें।

Link: https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2296594&reg=48&lang=1

 Prepared By✍️ Rajendra Dangwal Sirji

Tax Lawyer | Business Consultant | Accounts Expert | Legal Awareness Writer



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